एस.पी. स्टार एकेडमी की सराहनीय पहल: बढ़ती गर्मी और लू से बच्चों को बचाने के लिए अभिभावकों से की विशेष अपील
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हसखोरी महुआवा (खुटहा बाजार), महराजगंज। मौसम के बदलते मिजाज और आसमान से बरसती आग के बीच, क्षेत्र के अग्रणी शिक्षण संस्थान एस.पी. स्टार एकेडमी, हसखोरी महुआवा (खुटहा बाजार) ने बच्चों की सेहत को लेकर एक बेहद जागरूक कदम उठाया है। स्कूल में गर्मियों की छुट्टियां शुरू होते ही, प्रबंधन ने बच्चों को भीषण गर्मी और लू के प्रकोप से सुरक्षित रखने के लिए अभिभावकों के नाम एक महत्वपूर्ण परामर्श और संदेश जारी किया है।
स्कूल प्रशासन ने अभिभावकों से संवाद करते हुए कहा है कि छुट्टियां केवल मौज-मस्ती के लिए नहीं, बल्कि बच्चों को स्वस्थ और सुरक्षित रखने की भी जिम्मेदारी हैं।एस.पी. स्टार एकेडमी के कुछ बेहद जरूरी सुझाव – जो बच्चों को रखेंगे स्वस्थ:
शरीर में पानी की कमी न होने दें: बच्चों को केवल पानी ही नहीं, बल्कि नींबू पानी, ताजी छाछ, नारियल पानी और बेल का शरबत पीने की आदत डालें। शरीर में पानी की कमी को बिल्कुल न होने दें।
दोपहर की धूप में बाहर जाने से रोकें: सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक सूरज की किरणें सबसे खतरनाक होती हैं। इस दौरान बच्चों को बाहर खुले मैदानों में खेलने से रोकें। उन्हें घर के अंदर खेले जाने वाले खेल जैसे शतरंज, कैरम या चित्रकारी के लिए प्रेरित करें।
पहनावे में लाएं सादगी: बच्चों को केवल ढीले, हल्के रंग के और सूती कपड़े ही पहनाएं। बाहर जाना बेहद जरूरी हो, तो सिर पर टोपी या छतरी का इस्तेमाल जरूर करवाएं।
मौसमी फलों से दोस्ती, बाहर के खाने से तौबा: तरबूज, खरबूजा, खीरा और ककड़ी जैसी पानी से भरपूर चीजों को बच्चों के भोजन का हिस्सा बनाएं। इस मौसम में बाहर के चाट, समोсе या खुले हुए दूषित खाने से बच्चों को दूर रखें।
तापमान के अचानक बदलाव से बचाएं: धूप से तपकर आते ही बच्चे को सीधे ठंडी हवा के सामने न बिठाएं और न ही तुरंत अत्यधिक ठंडा पानी दें। तापमान का यह अचानक बदलाव बच्चों को तुरंत बीमार कर सकता है।
चमकती स्क्रीन और मोबाइल पर रोक: छुट्टियां होने के कारण बच्चे मोबाइल या टेलीविजन पर ज्यादा वक्त बिताते हैं। कृपया उनके इस समय को सीमित करें और उन्हें कोई नया हुनर सीखने, अच्छी कहानियां पढ़ने या रचनात्मक कार्यों में व्यस्त रखें।
"लापरवाही नहीं, सावधानी जरूरी"
एस.पी. स्टार एकेडमी, हसखोरी महुआवा प्रशासन ने अभिभावकों से अनुरोध किया है कि यदि किसी बच्चे में अत्यधिक सुस्ती, सिरदर्द, उल्टी या चक्कर आने के लक्षण दिखें, तो इसे सामान्य थकान न समझें। यह लू लगने का संकेत हो सकता है, ऐसी स्थिति में तुरंत चिकित्सक से परामर्श लें।
कूल प्रबंधन ने क्षेत्र के सभी बच्चों और अभिभावकों को एक सेहतमंद, सुरक्षित और रचनात्मक ग्रीष्मकालीन अवकाश की ढेरों शुभकामनाएं दी हैं।